भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन
राजधानी भोपाल में गणतंत्र दिवस का मुख्य और सबसे भव्य समारोह लाल परेड मैदान में आयोजित होगा। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल मुख्य अतिथि होंगे। वे सुबह 9:00 बजे ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे। इस दौरान पुलिस बल, होमगार्ड और एनसीसी कैडेट्स द्वारा शानदार मार्च पास्ट निकाला जाएगा। राज्यपाल द्वारा शांति और प्रगति के प्रतीक रंगीन गुब्बारे भी आकाश में छोड़े जाएंगे, जो प्रदेश की खुशहाली का संदेश देंगे।
मुख्यमंत्री का गृह नगर उज्जैन में ऐतिहासिक कार्यक्रम
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बार अपने गृह नगर उज्जैन में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि पारंपरिक रूप से होने वाली परेड की जगह को बदलकर इस साल शिप्रा नदी के तट पर स्थित कार्तिक मेला ग्राउंड (रामघाट के पास) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री यहाँ न केवल झंडा वंदन करेंगे, बल्कि जनता के नाम अपना संदेश भी पढ़ेंगे। बाबा महाकाल की नगरी में पहली बार शिप्रा तट पर इतने बड़े स्तर का शासकीय गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित हो रहा है।
ग्वालियर और इंदौर में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी शासन के वरिष्ठ स्तंभ कमान संभालेंगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर में ध्वजारोहण करेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। इसी तरह, आर्थिक राजधानी इंदौर में उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा तिरंगा फहराएंगे, जबकि सागर में उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि होंगे। इन सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।
जिलों में मंत्रियों और कलेक्टरों का प्रभार
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की सूची के अनुसार, कैबिनेट के विभिन्न मंत्रियों को अलग-अलग जिलों का प्रभार दिया गया है। जैसे प्रहलाद पटेल रीवा में और राकेश सिंह छिंदवाड़ा में ध्वजारोहण करेंगे। प्रदेश के 23 जिले ऐसे हैं जहाँ स्थानीय कलेक्टर ही झंडा वंदन करेंगे और मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ेंगे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि प्रदेश के हर कोने में गणतंत्र का यह उत्सव पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ मनाया जाए।
परेड और झांकियों के माध्यम से विकास का प्रदर्शन
26 जनवरी की परेड में विभिन्न विभागों की झांकियां (Tableaux) आकर्षण का केंद्र होंगी। भोपाल के मुख्य समारोह में ‘विकसित मध्य प्रदेश’ की झलक दिखाने वाली झांकियां निकाली जाएंगी। इसमें सौर ऊर्जा, लाड़ली बहना योजना और मेट्रो रेल जैसे प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शित किया जाएगा। पुलिस और सशस्त्र बलों की टुकड़ियों द्वारा किए जाने वाले साहसिक कारनामे दर्शकों को रोमांचित करेंगे। उज्जैन में भी शिप्रा तट पर होने वाली परेड में स्थानीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
सुरक्षा व्यवस्था और आमजन की भागीदारी
गणतंत्र दिवस के मद्देनजर पूरे प्रदेश, विशेषकर भोपाल और उज्जैन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इन कार्यक्रमों में शामिल होकर राष्ट्रीय पर्व का आनंद लें। स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी सुबह जल्दी झंडा वंदन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे पूरी राजधानी और प्रदेश तिरंगे के रंग में रंगा नजर आएगा।














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