राज्यपाल द्वारा ध्वजारोहण और परेड की सलामी
गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ पर भोपाल का लाल परेड मैदान देशभक्ति के रंगों में सराबोर नजर आया। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गरिमामय उपस्थिति के बीच राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के तुरंत बाद राष्ट्रगान की धुन गूंजी और पूरे मैदान ने सम्मान में सलामी दी। इसके पश्चात, राज्यपाल ने एक खुले वाहन में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। परेड कमांडर के नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल और एनसीसी की 23 विभिन्न टुकड़ियों ने शानदार मार्च पास्ट किया। राज्यपाल ने मंच से इन टुकड़ियों की संयुक्त परेड की सलामी ली, जो अनुशासन और शक्ति का प्रतीक थी।
मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों की उपस्थिति
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए राज्य की प्रगति का संकल्प दोहराया। मंच पर जनप्रतिनिधियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भी सम्मान किया गया। सरकार की ओर से यह संदेश दिया गया कि मध्य प्रदेश अब ‘विजन 2047’ की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। समारोह में उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ परेड का उत्साहवर्धन किया, जिससे पूरा वातावरण ऊर्जा और राष्ट्रीय गौरव से भर गया।
विभिन्न विभागों की प्रेरक झांकियों का प्रदर्शन
परेड के बाद विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा निकाली गई झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। इस वर्ष ‘विकसित मध्य प्रदेश’ की थीम पर आधारित झांकियों में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक विकास का संगम दिखा। विशेष रूप से नगरीय विकास विभाग की झांकी ने ‘स्मार्ट भोपाल’ और ‘मेट्रो रेल परियोजना’ के विस्तार को प्रदर्शित किया। वहीं, कृषि विभाग की झांकी ने ‘वर्ष 2026: कृषि वर्ष’ के संकल्प को दर्शाते हुए जैविक खेती और ड्रोन तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। इन झांकियों के माध्यम से सरकार ने अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने बेहद कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी विविधता
समारोह के सांस्कृतिक खंड में स्कूली बच्चों और लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने बुंदेली, बघेली और मालवी लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया, जो मध्य प्रदेश की विविधता में एकता को रेखांकित कर रहे थे। सैकड़ों स्कूली छात्रों ने सामूहिक पीटी प्रदर्शन और योग की विभिन्न मुद्राओं के जरिए अनुशासन और स्वास्थ्य का संदेश दिया। ‘जन गण मन’ और ‘मां तुझे सलाम’ जैसे गीतों पर आधारित नृत्य नाटिकाओं ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इन कार्यक्रमों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों से भी परिचित कराया।
शौर्य और वीरता पुरस्कारों का वितरण
गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेश के उन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जिन्होंने कर्तव्य की वेदी पर अदम्य साहस का परिचय दिया। राष्ट्रपति पुलिस पदक और वीरता पदकों से विभूषित इन योद्धाओं की कहानियों ने उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। इसके अलावा, समाज सेवा, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रदेश की विभूतियों को भी मंच से प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। सम्मान समारोह ने यह संदेश दिया कि राज्य सरकार प्रतिभा और साहस का सम्मान करने के लिए सदैव तत्पर है, जिससे युवाओं में राष्ट्र सेवा की भावना और प्रबल हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था और जनता का उत्साह
समारोह के सफल आयोजन के लिए भोपाल पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। लाल परेड मैदान और उसके आसपास के क्षेत्रों में 2000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे और सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी गई। कड़ाके की ठंड और सुबह के कोहरे के बावजूद हजारों की संख्या में भोपाल के नागरिक, विशेषकर बच्चे और बुजुर्ग, तिरंगा लेकर मैदान पहुंचे। कार्यक्रम के अंत में पूरा आसमान तिरंगे के गुब्बारों से भर गया। राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ समारोह का समापन हुआ, जिसने हर नागरिक के मन में अपने देश और प्रदेश के प्रति समर्पण की एक नई ज्योत प्रज्वलित की।














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