बाजारों में सघन छापेमारी और पहली गिरफ्तारी
मकर संक्रांति से एक दिन पहले भोपाल पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए शहर के प्रमुख बाजारों जैसे चौक बाजार, बैरागढ़ और अयोध्या नगर में छापेमारी की। अयोध्या नगर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अजय यादव नामक एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी अपनी किराना दुकान की आड़ में छिपकर प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेच रहा था। पुलिस की इस मुस्तैदी ने अवैध कारोबारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देश हैं कि जो भी प्रतिबंधित मांझा बेचते या स्टॉक करते पाया जाएगा, उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारी मात्रा में मांझा जब्त और आपूर्ति श्रृंखला पर प्रहार
पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में अब तक हजारों मीटर जानलेवा मांझा जब्त किया जा चुका है। अयोध्या नगर की कार्रवाई में अकेले एक दुकान से लगभग 5,200 मीटर प्रतिबंधित धागा बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत करीब ₹80,000 आंकी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह स्टॉक शहर में कहाँ से आ रहा है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि कुछ खेप पड़ोसी जिलों जैसे उज्जैन से लाई जा रही हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य न केवल फुटकर विक्रेताओं को पकड़ना है, बल्कि उस पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करना है जो चोरी-छिपे इसे बाजारों तक पहुँचा रही है।
घातक मांझे की बनावट और एनजीटी का प्रतिबंध
चाइनीज मांझा असल में नायलॉन या सिंथेटिक धागा होता है, जिस पर कांच के बारीक कणों या धातु के पाउडर का लेप चढ़ाया जाता है। इसकी उच्च तन्यता (high tensile strength) के कारण यह आसानी से टूटता नहीं है, जो इसे बेहद धारदार और घातक बनाता है। इसी खतरे को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने देशभर में इसके उपयोग और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। भोपाल में भी पुलिस कमिश्नर हरि नारायण चारी मिश्रा ने बीएनएसएस की धारा 163 (पूर्व में 144) के तहत आदेश जारी कर इसे पूरी तरह वर्जित किया है। उल्लंघन करने वालों को 5 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
इंसानों और पक्षियों के लिए जानलेवा खतरा
यह मांझा इतना खतरनाक है कि हवा में लहराता हुआ अदृश्य धागा राहगीरों और विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के गले के लिए ‘फांसी का फंदा’ साबित होता है। हाल ही में इंदौर में एक युवक की गर्दन कटने से मौत हो गई और भोपाल में भी एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। इसके अलावा, आकाश में उड़ने वाले बेगुनाह पक्षी भी अक्सर इसमें उलझकर अपने पंख गंवा देते हैं या दम तोड़ देते हैं। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यह ‘खुशी की पतंग’ किसी के घर का चिराग बुझा सकती है, इसलिए इसका उपयोग किसी भी हाल में न करें।
पुलिस की निगरानी और ड्रोन का इस्तेमाल
शहर में चोरी-छिपे पतंगबाजी करने वालों पर नजर रखने के लिए भोपाल पुलिस अब ड्रोन कैमरों का सहारा ले रही है। पुराने भोपाल और घनी आबादी वाले इलाकों की छतों पर ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं प्रतिबंधित डोर का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा। पुलिस की टीमें लाउडस्पीकर के माध्यम से बाजारों में मुनादी करा रही हैं और लोगों को इसके कानूनी परिणामों के प्रति सचेत कर रही हैं। साथ ही, खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है जो सादे कपड़ों में संदिग्ध ठिकानों पर नजर रख रहे हैं।
जन-जागरूकता और सुरक्षित संक्रांति की अपील
कार्यवाही के साथ-साथ पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील भी की है। प्रशासन का कहना है कि मकर संक्रांति आनंद का पर्व है, इसे सुरक्षित तरीके से केवल पारंपरिक सूती धागे (सद्दा) से ही मनाएं। अभिभावकों को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि उनके बच्चे चाइनीज मांझे का उपयोग करते पाए गए, तो जिम्मेदारी माता-पिता की तय की जाएगी। पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जिस पर नागरिक अवैध बिक्री की सूचना दे सकते हैं। भोपाल पुलिस का लक्ष्य है कि इस वर्ष त्यौहार के दौरान मांझे से जुड़ी एक भी दुर्घटना न हो।














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