“गौवंश पर घमासान: अपनों के ही सवालों से घिरी मोहन सरकार, भोपाल में राजनीति गरमाई”

1. मामले की शुरुआत और बड़ी बरामदगी

यह विवाद 18 दिसंबर 2025 को तब शुरू हुआ जब भोपाल के जहांगीराबाद इलाके में हिंदू संगठनों (बजरंग दल और वीएचपी) ने संदिग्ध अवस्था में एक ट्रक को रोका। इस ट्रक में 26 टन मांस भरा हुआ था, जिसे जांच के लिए भेजा गया। हाल ही में आई फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो गई है कि वह गौमांस ही था। इतनी बड़ी मात्रा में गौमांस मिलने से यह साफ हो गया कि शहर के बीचों-बीच स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस में अवैध रूप से गायों का वध किया जा रहा था।

2. अपनी ही सरकार पर बीजेपी विधायक के सवाल

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब भोपाल दक्षिण-पश्चिम से बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी ने अपनी ही पार्टी की सरकार और नगर निगम प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया कि अधिकारियों की नाक के नीचे इतना बड़ा गौकशी का खेल कैसे चल रहा था। विधायक ने आरोप लगाया कि यह बिना किसी विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं है। उनका यह कड़ा रुख दर्शाता है कि यह मुद्दा केवल विपक्ष बनाम सत्ता नहीं, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही का भी बन गया है।

3. स्लॉटर हाउस की सीलिंग और ठेकेदार पर कार्रवाई

गौमांस की पुष्टि होते ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिंसी स्थित ‘लाइव स्टॉक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड’ के स्लॉटर हाउस को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य ठेकेदार असलम कुरैशी उर्फ ‘असलम चमड़ा’ समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह स्लॉटर हाउस पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाया जा रहा था। जांच टीम अब इस बात का पता लगा रही है कि यह 26 टन मांस कहां से लाया गया था और इसे कहां भेजने की तैयारी थी।

4. सियासी हलचल और विपक्ष का हमला

इस घटना ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे शासन की विफलता बताया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया और आरोप लगाया कि 22 साल से बीजेपी की सरकार होने के बावजूद राजधानी में गौवंश सुरक्षित नहीं है। विपक्ष का कहना है कि सरकार एक तरफ ‘गौ माता’ के संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी निगरानी वाले स्लॉटर हाउस में ही गौकशी हो रही है, जो कि अत्यंत शर्मनाक है।

5. हिंदू संगठनों का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन

जांच रिपोर्ट आने के बाद से भोपाल के विभिन्न इलाकों में हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) और नगर निगम कार्यालयों के बाहर नारेबाजी की। संगठनों की मांग है कि न केवल ठेकेदार बल्कि उन सरकारी अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए जिनकी जिम्मेदारी स्लॉटर हाउस की निगरानी करना था। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त ‘बुलडोजर एक्शन’ नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

6. प्रशासनिक जांच और भविष्य के कदम

वर्तमान में पुलिस और नगर निगम की एक संयुक्त टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि कितनी गायों को अंदर लाया गया था। इस घटना के बाद भोपाल की सभी अवैध कॉलोनियों और संदिग्ध मांस केंद्रों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले में रिपोर्ट तलब की है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ बड़े प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *