“भोपाल पर ‘बर्फीली’ मार: कोहरे की चादर में लिपटा शहर, अगले 48 घंटे शीतलहर का रेड अलर्ट!”

कड़ाके की ठंड का प्रकोप

जनवरी 2026 में भोपाल सहित पूरा मध्य प्रदेश भीषण ठंड की चपेट में है। शनिवार, 10 जनवरी को भोपाल का न्यूनतम तापमान 9°C दर्ज किया गया, जिसने शहरवासियों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी भारी गिरावट देखी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अफगानिस्तान के पास सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे हवा में गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। यह ठंड पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ रही है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

शीतलहर और ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने भोपाल और आसपास के जिलों के लिए अगले 48 घंटों के लिए शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जब न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर जाता है, तो उसे शीतलहर की श्रेणी में रखा जाता है। भोपाल के अलावा राजगढ़, सीहोर और शाजापुर जैसे क्षेत्रों में भी बर्फीली हवाओं का असर तेज रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि रात के साथ-साथ दिन में भी ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसे हालात बने रहेंगे, जिसका अर्थ है कि दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4-5 डिग्री कम रहेगा।

घने कोहरे से शून्य विजिबिलिटी

भीषण ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने भोपाल की रफ्तार थाम दी है। शनिवार की सुबह भोपाल के कई हिस्सों में विजिबिलिटी (दृश्यता) 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे राजा भोज एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन में दिक्कतें आईं। सड़कों पर वाहन चालक हेडलाइट जलाकर रेंगते नजर आए। कोहरे का सबसे ज्यादा असर हाईवे और बाहरी इलाकों में देखा गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो-तीन दिनों तक सुबह और देर रात ‘अति घना कोहरा’ छाया रहेगा, जिससे रेल और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।

स्कूलों के समय में बदलाव

ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है। कलेक्टर के आदेशानुसार, सुबह की पाली में लगने वाले सभी सरकारी और निजी स्कूल अब सुबह 9:00 बजे या उसके बाद ही लगेंगे। कुछ जिलों में तो नर्सरी से कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि तापमान में और गिरावट आती है, तो छुट्टियों को आगे भी बढ़ाया जा सकता है ताकि छोटे बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाया जा सके।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां और सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने शीतलहर को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में दिल के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से हाइपोथर्मिया और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें, शरीर को हाइड्रेटेड रखें और संभव हो तो सुबह जल्दी घर से बाहर न निकलें। नगर निगम ने भी बेघरों के लिए रैन बसेरों में अलाव और कंबल की व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।

आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, आगामी एक सप्ताह तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। 14-15 जनवरी तक तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे पारा 6°C से 7°C तक लुढ़क सकता है। हालांकि आसमान साफ रहने का अनुमान है, लेकिन उत्तर से आने वाली सर्द हवाएं ठिठुरन को बरकरार रखेंगी। मकर संक्रांति तक प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहेगा। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे पाले (Frost) से फसलों को बचाने के लिए खेतों में हल्की सिंचाई करें और धुआं करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाएं।

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