भोपाल में स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘साइकिल ऑन संडे’ (Cycle on Sunday) अभियान की शुरुआत एक जन-आंदोलन के रूप में की गई है। यह पहल विशेष रूप से शहर के युवाओं और फिटनेस प्रेमियों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है।
अभियान की शुरुआत और नेतृत्व
इस अभियान की औपचारिक शुरुआत मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने की। उन्होंने स्वयं साइकिल चलाकर युवाओं को संदेश दिया कि फिट रहने के लिए साइकिलिंग से बेहतर और सस्ता कोई विकल्प नहीं है।
मुख्य उद्देश्य
- फिटनेस को बढ़ावा: कोरोना के बाद बढ़ते लाइफस्टाइल रोगों (जैसे मोटापा, डायबिटीज) को कम करने के लिए शारीरिक गतिविधि को अनिवार्य बनाना।
- पर्यावरण संरक्षण: सप्ताह में कम से कम एक दिन वाहनों का उपयोग कम करके कार्बन उत्सर्जन (Pollution) को घटाना।
- कम्युनिटी बॉन्डिंग: भोपाल के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक साथ लाना ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।
रूट और सहभागिता
- रूट: यह रैली अक्सर भोपाल की खूबसूरती का केंद्र कहे जाने वाले वीआईपी रोड (बड़ा तालाब), शाहपुरा लेक और स्मार्ट सिटी रोड जैसे प्रमुख इलाकों से होकर गुजरती है।
- प्रतिभागी: इसमें केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, सरकारी अधिकारी और प्रोफेशनल साइकिलिस्ट भी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।
‘साइकिलिंग क्लब्स’ का सहयोग
भोपाल के कई निजी साइकिलिंग क्लब जैसे भोपाल साइक्लिंग क्लब और पैडलर्स ग्रुप भी इस अभियान से जुड़े हैं। वे प्रतिभागियों को साइकिलिंग के सही तरीके, सुरक्षा उपकरणों (हेल्मेट, रिफ्लेक्टर) और लंबी दूरी की राइडिंग के लिए टिप्स देते हैं।
भोपाल के लिए क्यों है यह खास?
भोपाल की भौगोलिक संरचना (ऊंचाई और ढलान वाले रास्ते) साइकिलिंग के लिए काफी चुनौतीपूर्ण और रोमांचक है। प्रशासन अब ‘साइकिल ऑन संडे’ के तहत शहर में समर्पित साइकिल ट्रैक (Dedicated Cycle Tracks) को फिर से सक्रिय करने और साइकिल रेंटल स्टेशनों को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है।
विशेष: इस अभियान के तहत हर रविवार को एक विशेष थीम रखी जाती है, जैसे “साइकिल चलाओ, प्रदूषण भगाओ” या “साइकिल और स्वास्थ्य”।
















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