बड़ा हादसा: भोपाल-इंदौर हाईवे पर कारें टकराईं, 6 लोग गंभीर रूप से घायल

हादसे का घटनाक्रम और प्रारंभिक विवरण

बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे भोपाल-इंदौर हाईवे पर सीहोर के नजदीक एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घने कोहरे और कम दृश्यता (Visibility) के कारण एक तेज रफ्तार कार ने अचानक ब्रेक लगाए, जिसके बाद पीछे से आ रही तीन अन्य कारें एक-दूसरे से टकराती चली गईं। भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि कारों के अगले हिस्से पूरी तरह पिचक गए। इस श्रृंखलाबद्ध टक्कर (Pile-up) में कुल चार वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। टक्कर के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

घायलों की स्थिति और तत्काल राहत कार्य

इस भीषण दुर्घटना में आधा दर्जन (करीब 6 से 7) लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो मकर संक्रांति के पर्व पर इंदौर से भोपाल की ओर आ रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए कारों के दरवाजे तोड़कर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो यात्रियों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है।

दुर्घटना का मुख्य कारण: कोहरा और लापरवाही

प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि इस हादसे का मुख्य कारण सुबह छाया घना कोहरा था। जनवरी के मध्य में पड़ रही कड़ाके की ठंड की वजह से हाईवे पर विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम थी। ऐसी स्थिति में सुरक्षित दूरी (Safe Distance) न बनाए रखना और तेज रफ्तार में वाहन चलाना घातक साबित हुआ। बताया जा रहा है कि पहली कार के चालक ने सड़क पर किसी जानवर को बचाने के चक्कर में अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे, जिसके कारण पीछे आ रहे अन्य चालक संभल नहीं पाए और एक के बाद एक गाड़ियां आपस में टकरा गईं।

प्रशासनिक कार्रवाई और यातायात बहाली

हादसे की जानकारी मिलते ही सीहोर और भोपाल पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। क्षतिग्रस्त वाहनों के सड़क के बीचों-बीच होने के कारण हाईवे पर लगभग 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। पुलिस ने क्रेन बुलाकर दुर्घटनाग्रस्त कारों को सड़क किनारे हटवाया और यातायात सुचारू रूप से शुरू कराया। पुलिस ने अज्ञात चालकों के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) को भी सूचित किया है ताकि ऐसे ब्लैक स्पॉट्स पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जा सकें।

प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती

हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक ढाबा संचालक ने बताया कि सुबह कोहरा इतना घना था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। अचानक तेज आवाजें आने लगीं और जब हम दौड़कर पहुंचे तो देखा कि कारें आपस में फंसी हुई थीं। एयरबैग्स खुलने के कारण कई यात्रियों की जान बच गई, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था। कार के अंदर फंसे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। लोगों ने बताया कि हाईवे पर पेट्रोलिंग गाड़ियों की कमी और एम्बुलेंस के पहुंचने में हुई देरी के कारण घायलों को काफी देर तक तड़पना पड़ा, हालांकि ग्रामीणों ने निजी वाहनों से मदद पहुंचाई।

यात्रियों के लिए विशेष सुरक्षा परामर्श

भोपाल-इंदौर हाईवे पर बढ़ते हादसों को देखते हुए यातायात विभाग ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधीक्षक ने अपील की है कि शीतकालीन मौसम में सुबह के समय यात्रा करने से बचें या वाहनों की गति 40-50 किमी प्रति घंटा से अधिक न रखें। वाहनों में फॉग लाइट्स (Fog Lights) का उपयोग अनिवार्य रूप से करें और इंडिकेटर्स को चालू रखें। यह भी सलाह दी गई है कि हाईवे पर चलते समय आगे वाले वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें ताकि आपातकालीन स्थिति में वाहन को समय पर रोका जा सके। मकर संक्रांति की भीड़ के कारण अगले दो दिन हाईवे पर पुलिस बल तैनात रहेगा।

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