शिष्टाचार भेंट और विकास का रोडमैप
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास पर महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह बैठक केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि राज्य के आगामी पांच वर्षों के विकास का ब्लूप्रिंट साझा करने का एक मंच भी बनी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया और मध्य प्रदेश में संचालित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा लिए गए साहसिक निर्णयों की सराहना की और भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। यह मुलाकात राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय का प्रतीक है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना पर चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली ‘केन-बेतवा लिंक परियोजना’ की वर्तमान स्थिति पर प्रधानमंत्री से गंभीर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल सिंचाई की समस्या दूर होगी, बल्कि क्षेत्र के लाखों लोगों को पीने का शुद्ध पानी और बिजली भी उपलब्ध होगी। डॉ. यादव ने परियोजना के लिए आवश्यक बजट आवंटन और तकनीकी बाधाओं को दूर करने में केंद्र के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि कृषि उत्पादन में क्रांतिकारी बदलाव आए।
‘विकसित मध्य प्रदेश’ का विजन साझा किया
प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने ‘विकसित मध्य प्रदेश’ का विजन डॉक्यूमेंट उनके समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य सरकार औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देकर प्रदेश की जीडीपी में वृद्धि करने की योजना बना रही है। विशेष रूप से उज्जैन, इंदौर और भोपाल जैसे शहरों को आईटी और टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि मध्य प्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं, बल्कि एक औद्योगिक शक्ति के रूप में भी उभरने की ओर अग्रसर है।
जनजातीय कल्याण और सामाजिक उत्थान
डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय बहुल क्षेत्रों में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की सफलता का विवरण प्रधानमंत्री को दिया। उन्होंने ‘पीएम जनमन मिशन’ के तहत विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए कार्यों की प्रगति साझा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि कैसे सिकल सेल एनीमिया जैसे रोगों के खिलाफ अभियान चलाकर जनजातीय समुदायों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के इस मॉडल की तारीफ की, जहाँ विकास के लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँच रहे हैं, जिससे सामाजिक समरसता और सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।
अधोसंरचना विकास और कनेक्टिविटी
राज्यों के बीच कनेक्टिविटी और परिवहन सुविधाओं को लेकर भी इस बैठक में विस्तार से बात हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बन रहे नए एक्सप्रेस-वे और रेलवे लाइनों के विस्तार के लिए केंद्र से अतिरिक्त सहयोग की मांग की। उन्होंने बताया कि ‘पीएम गति शक्ति’ मिशन के अंतर्गत प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर काम तेज हो गया है। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हुए इसे देश के लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और व्यापार में सुगमता आएगी।
प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश आने का निमंत्रण
मुलाकात के समापन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मध्य प्रदेश के आगामी बड़े आयोजनों में शामिल होने के लिए विशेष निमंत्रण दिया। उन्होंने आगामी ‘इन्वेस्टर समिट’ और प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन प्रदेश की जनता और प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार करता है। प्रधानमंत्री ने सहर्ष निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश उनके हृदय के करीब है और वे जल्द ही प्रदेश की जनता के बीच उपस्थित होने का प्रयास करेंगे।















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